शोषित और वंचितों को साथ लेकर ही असत्य पर विजय प्राप्त किया जा सकता है। –स्वामी प्रभंजनानंद शरण

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श्रीराम कथा से चारों ओर का क्षेत्र अयोध्या धाम बन चुका है।

अवधपुरी अलगना चौक पर श्रीराम कथा को सुनने के लिए हजारों की संख्या में भक्तगण पहुँच रहें है। स्वामी प्रभंजनानंद जी ने भगवान श्रीराम और केवट प्रसंग का सुन्दर तरीके से व्याख्या किया। इन्होंने कहा कि इन प्रसंग के भावों से सीख लेने की जरूरत है एवं भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर व्यक्ति परमधाम को प्राप्त कर सकता है।

भगवान श्रीराम ने समाज के शोषित व वंचित लोंगों को एक साथ जोड़कर एक बड़ा युद्ध लड़ा और विजयी प्राप्त किया। भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व सदैव समाज के लिए अनुकरणीय रहेगा। स्वामी प्रभंजनानंद जी ने भगवान श्रीराम और भरत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि श्रीराम के वनगमन पश्चात भरत का राजा नही बनना, यह प्रेम, त्याग और निष्ठा को दिखाता है।

भरत ने समाज में एक आदर्श स्थापित किया। कथा सुनने आए हजारों श्रद्धालुओं की सेवा कार्य में संतोष शर्मा, अरविंद शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद भारद्वाज, विजय शर्मा, अरुण शर्मा, पप्पू कुमार, कुमार अविनाश, उज्जवल कुमार, विपिन कुमार, राजीव शर्मा, रामसुभग शर्मा, नितेश कुमार, अमित, देवराज सहित अनेकों भक्तगण लगे थे

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