किसी प्रकार के संकट से बचने के लिए करें परमात्मा का ध्यान— श्री स्वामी जी महाराज

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Shri Swami jee

हुलासगंज।श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर हुलासगंज के मठाधीश श्री स्वामी रंग रामानुजाचार्य जी महाराज ने भक्तों से आग्रह किया है कि कोई भी संकट हो तो सभी मिलकर भगवान से प्रार्थना करें। भगवान संकट हरण हैं वह संकट को हर लेते हैं। उन्होंने  भक्तों के प्रकार बताते हुए कहा कि भक्त चार प्रकार के होते हैं। अर्थार्थी, आर्त, जिज्ञासु और ज्ञानी। उसी प्रकार से चार फल भी हैं। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। जो भक्त जिस उद्देश्य से भगवान से प्रेम करता है भगवान उसे अभीष्ट फल देते हैं। अतः  चतुर्विध पुरुषार्थ प्रदाता भगवान ही हैं।

सकाम कर्म करने वालों को संसार का फल और निष्काम कर्म करने वालों को परमधाम वैकुंठ देते हैं। भगवत कृपा के बिना मोक्ष संभव नहीं है। अन्य देव अपने उपासक को संसार के फल देते हैं परंतु मोक्ष देने की सामर्थ्य मात्र एक भगवान में ही है। अतः जीव का उस फल के लिए भगवान की शरणागति ही उपाय है। भक्ति और प्रपत्ति (शरणागति) इन दोनों में किसी से भी प्रसन्न होकर भगवान मुक्ति देते हैं। वैदिक धर्म के विपरीत चलने वाले असुरों को प्रबल होने पर जगत में बेचैनी छा जाती है।अधर्म के भार से पीड़ित पृथ्वी, देवों तथा ऋषि-मुनियों की आर्त पुकार पर भगवान भूतल पर अवतरित होते हैं। जब जब पृथ्वी पर अधर्म प्रबल होता है, तब तब प्रभु किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं। वर्तमान में बहुत ही संकट की घड़ी चल रही है।

इस कोरोना महामारी में पूरा विश्व त्रस्त है। पूरा विश्व इस महामारी का औषधि बनाने के लिए प्रयासरत है। लेकिन फिर भी कामयाब नही हो पा रहे हैं। यदि हम सभी मानव जाति को इस प्रलय कारी कोरोना महामारी से बचना है, तो सभी लोगों को कलि संतारण उपनिषद के महामंत्र ( हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे) से प्रतिदिन आधा घंटा कीर्तन करना चाहिए जिससे भगवान प्रसन्न होंगे और हम सभी को इस प्रलय कारी महामारी से बचाएंगे। जब जब भक्तों पर संकट आई है तब तो भगवान ने कभी प्रत्यक्ष रूप में तो कभी परोक्ष रूप में रहकर भगवान ने सभी को रक्षा की है। अतः आप सभी से मेरा आग्रह है कि हम सभी को प्रतिदिन प्रेम पूर्वक आधा घंटा, एक घंटा इस महामंत्र का संकीर्तन करना चाहिए।

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